War 2 Review: ऋतिक रोशन बनाम जूनियर एनटीआर – एक्शन, स्टार पावर और कहानी का सच

War 2 Review: ऋतिक-एनटीआर की भिड़ंत, एक्शन का तड़का, और कहानी में थोड़ी कमी का झटका

1. थिएटर में एंट्री – शो शुरू होने से पहले का माहौल

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दोस्तो, मैं सच बताऊं, War 2 देखने जाने से पहले ही मूड सेट हो गया था। थिएटर के बाहर भीड़ का ऐसा हाल था जैसे इंडिया-पाकिस्तान का मैच हो। एक तरफ ऋतिक के फैंस झंडे लहरा रहे थे, दूसरी तरफ जूनियर एनटीआर के फैंस ढोल बजा रहे थे। पोस्टर पर फूल चढ़ रहे थे, कहीं-कहीं फैंस भी चिल्लाया जा रहे थे।

अंदर एंट्री मिलते ही पॉपकॉर्न की खुशबू, सीटियां, और वो स्क्रीन पर काउंटडाउन—बस दिल धड़कना शुरू!

2. ओपनिंग सीन – धमाका या धुआं?

फिल्म की शुरुआत में ही ऋतिक रोशन का एंट्री सीन… भाई, ऐसा लगा जैसे स्लो मोशन सिर्फ उनके लिए ही बना हो। कैमरा धीरे-धीरे ऊपर से नीचे आता है, बैकग्राउंड में म्यूज़िक गूंजता है, और ऋतिक का वो इंटेंस लुक—थिएटर में सीटियां और तालियां रुक ही नहीं रहीं।

और फिर आते हैं जूनियर एनटीआर—भाई, हिंदी डायलॉग बोलते वक्त भी उतना ही दम, जितना तेलुगु में। उनकी एंट्री में जो पावर है, वो सीधा दिल में उतर जाती है। यहां से साफ हो गया कि ये लड़ाई सिर्फ बंदूक और मारपीट की नहीं, बल्कि करिश्मे की भी है।

War 2 Movie Review

3. ऋतिक और एनटीआर – स्टार पावर का असली मुकाबला

दोनों के बीच हर सीन एक शतरंज की बाज़ी जैसा है—कभी ऋतिक ऊपर, कभी एनटीआर आगे।

ऋतिक – क्लासी, कूल और दिमाग से खेलते हुए।

एनटीआर – रॉ, इंटेंस और दिल से खेलने वाले।

इनकी केमिस्ट्री ऐसी है जैसे गर्मी में ठंडी कोक और मसालेदार समोसा—कॉम्बिनेशन परफेक्ट!

4. एक्शन और लोकेशन – आंखों के लिए दावत

फिल्म के एक्शन सीन सच में ग्रैंड हैं। स्पेन की गलियां, इटली के सुंदर नज़ारे, अबू धाबी की लग्ज़री लोकेशन… कैमरा हर जगह से “पिक्चर परफेक्ट” मोमेंट पकड़ लेता है।

चेज़ सीक्वेंस में इतनी तेज़ कटिंग है कि सांसें रुक जाएं। हालांकि, कुछ VFX में लगा कि “भाई, ये तो गेम के कटसीन जैसा लग रहा है।” लेकिन फिर भी, सिनेमैटोग्राफी और लोकेशन ने टिकट का आधा पैसा वहीं वसूल कर दिया।

5. कहानी – यहां आकर स्पीड ब्रेकर लग गया

प्लॉट सीधा है—कबीर (ऋतिक) भगोड़ा एजेंट है, और विक्रम (एनटीआर) उसे पकड़ने के मिशन पर है। बीच में थोड़े ट्विस्ट और टर्न्स आते हैं, लेकिन बड़े सरप्राइज़ बहुत कम हैं। कई बार लगा कि ये तो हमने पहले भी किसी न किसी स्पाई फिल्म में देख लिया है, बस लोकेशन और स्टार्स अलग हैं।

6. स्क्रीनप्ले – पहले हाफ में तूफान, दूसरे में ठहराव

पहला हाफ – धमाकेदार, फास्ट-पेस्ड, एक्शन और स्टार पावर से भरपूर।

दूसरा हाफ – स्पीड थोड़ी कम, इमोशनल कनेक्शन भी ढीला, और क्लाइमैक्स तक आते-आते थोड़ा प्रेडिक्टेबल।

अगर पहला हाफ 5-स्टार है, तो दूसरा हाफ 3-स्टार—ये गैप थोड़ा खलता है।

7. सपोर्टिंग कास्ट – टैलेंट था, पर टाइम कम

कियारा आडवाणी – गाने और कुछ स्टाइलिश सीन्स तक सीमित।

अनिल कपूर – स्क्रीन टाइम कम और किरदार अधूरा लगा।

कैमियो – आलिया भट्ट, बॉबी देओल, शरवरी वाघ… blink-and-miss टाइप।

इतने बड़े नाम, लेकिन स्क्रिप्ट ने उन्हें चमकने का मौका नहीं दिया।

8. म्यूज़िक और बैकग्राउंड स्कोर – मिला-जुला असर

प्रीतम का म्यूज़िक ग्लैमर लाता है, लेकिन कोई गाना इतना वायरल नहीं लगता जितना War 1 के “घूंघरू” ने किया था। बैकग्राउंड स्कोर ठीक है, पर एक्शन सीन्स में थोड़ा और पंच होता तो मज़ा दोगुना हो जाता।

9. फैंस का क्रेज़ और सोशल मीडिया का बवाल

रिलीज़ के दिन से सोशल मीडिया War 2 से भरा पड़ा था।

ट्विटर पर #War2 और #HrithikVsNTR ट्रेंड कर रहे थे।

फैंस ने थिएटर के बाहर डांस, पटाखे और ढोल से स्वागत किया।

एनटीआर के फैंस ने पोस्टर पर “ब्लड तिलक” भी किया—ये डेडिकेशन का अलग लेवल है।

10. फिल्म का असर – बड़े पर्दे पर देखने लायक क्यों है

भले ही कहानी नई नहीं है, लेकिन ऋतिक और एनटीआर की स्क्रीन प्रेज़ेंस इतनी दमदार है कि फिल्म सिनेमाघर में देखने का मज़ा ही अलग है। ये वही फिल्म है जिसे घर पर OTT पर देखोगे तो असर आधा हो जाएगा।

11. प्लस और माइनस – आसान लिस्ट

प्लस पॉइंट्स:

ऋतिक और एनटीआर की जानदार केमिस्ट्री।

लोकेशन और सिनेमैटोग्राफी लाजवाब।

पहला हाफ धमाकेदार और एंटरटेनिंग।

माइनस पॉइंट्स:

कहानी प्रेडिक्टेबल।

दूसरा हाफ कमजोर।

VFX कुछ जगह औसत।

बाकी कलाकारों को सही मौका नहीं मिला।

12. मेरा वर्डिक्ट – पॉपकॉर्न के साथ जाओ, लॉजिक घर पर छोड़ दो

अगर तुम सिर्फ स्टार पावर, एक्शन और ग्लैमर देखने जा रहे हो, तो War 2 तुम्हारे लिए परफेक्ट है। थिएटर का माहौल, सीटियां, तालियां और स्क्रीन पर दो बड़े स्टार—ये सब मिलकर एक अच्छा सिनेमैटिक अनुभव देते हैं।

लेकिन अगर तुम किसी गहरी, ट्विस्ट-भरी कहानी की उम्मीद कर रहे हो, तो थोड़ी निरा

शा हो सकती है।

मेरी रेटिंग: ⭐⭐⭐ (3/5)

पैसा-वसूल: हां, लेकिन दिमाग को थोड़ा आराम देने के बाद। 😄

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