Akshay Kumar flop films के बावजूद कैसे मिलते हैं बड़े ऑफर? जानिए पूरी कहानी

क्यों अक्षय कुमार को लगातार फ्लॉप फिल्मों के बावजूद मिलते हैं नए ऑफर? जानिए असली कारण

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हाल के समय में Akshay Kumar flop films की लिस्ट बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद उनकी स्टार पावर कम नहीं हुई। अक्सर जब किसी बॉलीवुड स्टार की फिल्में लगातार फ्लॉप होती हैं, तो उन्हें इंडस्ट्री से ऑफर कम मिलने लगते हैं। लेकिन अक्षय कुमार के मामले में यह मामला बिल्कुल अलग देखने को मिलता है। पोस्ट-पेंडेमिक के बाद अक्षय कुमार ने बैक-टू-बैक कई फिल्में कीं, जिनमें से ज्यादातर थिएटर में फ्लॉप रहीं है। फिर भी उनकी अपकमिंग फिल्म्स की लिस्ट लंबी है और बड़े-बड़े प्रोडक्शन हाउस अब भी उनके साथ में काम कर रहे हैं। आखिर क्यों ऐसे हुआ है? आइए जानते हैं इसका पूरा मामला।

रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्मों का हाल

पिछले कुछ सालों में अक्षय कुमार की फिल्मों का बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बहुत प्रभावशाली नहीं रहा। अगर हम 2021 से लेकर अब तक का डेटा देखें, तो 15 फिल्मों में से सिर्फ 2-3 फिल्में ही थिएटर में बड़ी हिट साबित हुईं।

कुछ उनके उदाहरण

बेल बॉटम – बजट: ₹150 करोड़ | कलेक्शन: ₹50 करोड़ (फ्लॉप)

सूर्यवंशी – बजट: ₹160 करोड़ | कलेक्शन: ₹294 करोड़ (हिट)

सम्राट पृथ्वीराज – बजट: ₹300 करोड़ | कलेक्शन: ₹90 करोड़ (डिजास्टर)

रक्षाबंधन – बजट: ₹70 करोड़ | कलेक्शन: ₹61 करोड़ (फ्लॉप)

राम सेतु – बजट: ₹150 करोड़ | कलेक्शन: ₹92 करोड़ (फ्लॉप)

सेल्फी – बजट: ₹100 करोड़ | कलेक्शन: ₹23 करोड़ (डिजास्टर)

OMG 2 – बजट: ₹60 करोड़ | कलेक्शन: ₹221 करोड़ (सुपरहिट)

बड़े मियां छोटे मियां – बजट: ₹350 करोड़ | कलेक्शन: ₹102 करोड़ (डिजास्टर)

सरफिरा – बजट: ₹80 करोड़ | कलेक्शन: ₹30 करोड़ (फ्लॉप)

इन आंकड़ों से साफ पाता चल रहा है कि थिएटर में अक्षय कुमार की फिल्मों के लिए दर्शकों का उत्साह अब उतना नहीं है जितना पहले हुआ करता था।

फिर भी क्यों मिल रहे हैं नए ऑफर?

आम सोच के अनुसार, जो स्टार बॉक्स ऑफिस पर कमाई नहीं कर पा रहे, उसे बड़े ऑफर मिलना बंद हो जाते हैं। लेकिन अक्षय कुमार के मामले में ये नहीं हो रहा। इसका कारण है फिल्म इंडस्ट्री का असली बिजनेस मॉडल, जो सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर निर्भर नहीं करता।

Akshay Kumar flop films

मूवी बिजनेस का असली खेल 

फिल्म का प्रॉफिट केवल टिकट सेल से तय नहीं होती। इसके अलावा कई और कमाई के सोर्स होते हैं:

1. OTT राइट्स

Netflix, Amazon Prime, Disney+ Hotstar जैसे प्लेटफॉर्म फिल्मों के डिजिटल राइट्स खरीदते हैं।

उदाहरण: सेल्फी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ₹23 करोड़ कमाए, लेकिन OTT राइट्स ₹50 करोड़ में बिका।

2. सैटेलाइट राइट्स

टीवी चैनल्स फिल्म के राइट्स खरीदकर उन्हें बार-बार प्रसारित करते हैं। यह भी प्रोड्यूसर्स के लिए बड़ा रेवेन्यू सोर्स है।

3. म्यूजिक राइट्स

फिल्म के गाने और बैकग्राउंड स्कोर का रेवेन्यू भी एड होता है। बड़े स्टार की फिल्मों के म्यूजिक राइट्स आसानी से करोड़ों में बिकते हैं।

अक्षय कुमार की फिल्मों का प्री-रिलीज बिजनेस

अक्षय कुमार का नाम OTT और टीवी दर्शकों में आज भी बिकता है। यही कारण है कि उनकी फिल्मों के प्री-रिलीज बिजनेस से ही प्रोड्यूसर अपने बजट का बड़ा हिस्सा रिकवर कर लेते हैं।

मिनिमम OTT राइट्स वैल्यू – ₹50 करोड़

सैटेलाइट + म्यूजिक राइट्स – ₹20-30 करोड़

मतलब थिएटर कलेक्शन चाहे जो भी हो, मेकर्स को पहले से 70-80% तक रिकवरी हो जाती है।

सलमान और कार्तिक का उदाहरण

कार्तिक आर्यन की शहजादा

2023 में कार्तिक आर्यन की शहजादा बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, लेकिन OTT, म्यूजिक और सैटेलाइट राइट्स मिलाकर मेकर्स ने अपना पूरा बजट रिकवर कर लिया।

सलमान खान की सिकंदर

इसी तरह, सलमान खान की सिकंदर का प्री-रिलीज बिजनेस ₹165 करोड़ था, जिसमें OTT राइट्स अकेले ₹85 करोड़ के बिके।

इससे साफ है कि स्टार का थिएटर कलेक्शन ही उसका मार्केट वैल्यू तय नहीं करता।

अक्षय कुमार का खुद का प्रोडक्शन हाउस है 

एक और वजह यह है कि अक्षय कुमार कई फिल्मों को को खुद ही-प्रोड्यूस करते हैं। इसका मतलब यह है कि अगर दूसरे प्रोड्यूसर उन्हें ऑफर न भी दें, तो वह खुद अपनी फिल्में बनाकर रिलीज कर सकते हैं।

फ्रेंचाइज़ फिल्मों का फायदा

अभी भी अक्षय कुमार के पास कई बड़ी फ्रेंचाइज़ के अगले पार्ट आने वाले हैं:

हाउसफुल 5

जॉली एलएलबी 3

वेलकम टू द जंगल

हेरा फेरी 3

इन फिल्मों की फैन फॉलोइंग पहले से बनी हुई है, इसलिए मेकर्स को इनसे बेहतर बिजनेस की उम्मीद रहती है।

ऑडियंस इंटरेस्ट में गिरावट

भले ही बिजनेस मॉडल अक्षय कुमार को काम दिलाता रहे, लेकिन थिएटर में उनकी फिल्मों के लिए जेनुइन ऑडियंस इंटरेस्ट कम हो चुका है।

अब उनकी फिल्मों के कलेक्शन का अनुमान भी अक्सर ₹100-₹200 करोड़ के बीच रहता है, जब तक वह किसी बड़ी फ्रेंचाइज़ का हिस्सा न हों।

क्या अक्षय कुमार को कमबैक की जरूरत है?

असल में, नहीं।

क्योंकि उनका बिजनेस मॉडल बॉक्स ऑफिस हिट-फ्लॉप पर निर्भर नहीं है। OTT और टीवी पर उनकी फिल्मों की डिमांड अब भी अच्छी है, और यही उन्हें लगातार फिल्मों से जोड़ी रखती है। 

निष्कर्ष

अक्षय कुमार की फिल्में थिएटर में चाहे जैसे भी करें, लेकिन OTT, सैटेलाइट और म्यूजिक राइट्स की वजह से प्रोड्यूसर्स को घाटा नहीं होता। इसी वजह से उन्हें लगातार बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स मिलते रहते हैं।

भविष्य में उनकी फ्रेंचाइज़ फिल्मों से अच्छा बॉक्स ऑफिस कलेक्शन देखने को मिल सकता है, लेकिन फिलहाल उनका स्टारडम थिएटर ऑडियंस में उतना मजबूत नहीं जितना एक दशक पहले था।

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